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Dharamkira

सम्पूर्ण योग

बालासन

बालासन — शिशु मुद्रा

बाल = शिशु — शिशु-सा सिमटकर विश्राम

घुटनों पर आगे झुक जाइए और सारा भार धरती को सौंप दीजिए।

कोमलअवधि: पाँच साँसों से पाँच मिनट तक — यह विश्राम का आसन है।

सबसे सरल शब्दों में

घुटनों पर बैठो, फिर नींद भरी बिल्ली की तरह आगे झुक जाओ, जब तक माथा ज़मीन छू न ले। बाँहें बगल में, आँखें बंद। जैसे अपने ही शरीर की एक छोटी-सी छिपने की जगह।

यह क्या है

घुटनों के बल बैठे-बैठे शरीर आगे झुकता है, माथा धरती पर टिकता है और बाँहें टाँगों के साथ लेट जाती हैं — सोते शिशु का आकार। न कोई कठोर खिंचाव, न कोई पकड़; पीठ छूट जाती है, साँस पीछे की पसलियों में दिखती हुई चलती है, और अधिकांश लोग इस मुड़े, धरती से लगे आकार को सुरक्षा की तरह महसूस करते हैं। यह कठिन आसनों के बीच का सार्वभौमिक विश्राम है — और कठिन दिन का सबसे कोमल समापन।

अभ्यास से पहले — स्वास्थ्य सर्वोपरि

गर्भावस्था में घुटने चौड़े रखें ताकि पेट को स्थान मिले। घुटने की चोट में घुटने के मोड़ में कम्बल रखें या इसके बदले पीठ के बल विश्राम करें।

आसन में कैसे आएँ

  1. अँगूठे मिलाकर घुटनों के बल बैठें, घुटने मिले या खुले।

  2. एड़ियों की ओर बैठते हुए छाती को जाँघों पर झुका दें।

  3. माथा धरती पर टिकाएँ (न पहुँचे तो मुट्ठियों के ऊपर)।

  4. बाँहें टाँगों के पास पीछे रखें, हथेलियाँ ऊपर — या लम्बे खिंचाव के लिए आगे तानें।

  5. शरीर के पिछले भाग में साँस भरें और बस ठहरे रहें।

श्वास

हर साँस को पीछे की पसलियाँ चौड़ी करते अनुभव करें — यह आसन पीठ से साँस लेता है।

किसलिए किया जाता है

कमर को ढील, आसनों के बीच विश्राम, और तनाव से नीचे उतरना।

इन क्रमों का अंग