
सनातन धर्म
हर मंत्र, अर्थ के साथ। हर जाप, श्रद्धा से गिना हुआ।
अर्थ सहित मंत्र, ध्यान और योग, देवी-देवता, त्योहार और पूजा-विधियाँ — निःशुल्क, निजी, हिन्दी और English में।
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हर मार्ग, एक घर
मंत्र, ध्यान, योग, त्योहार और पूजा — आज मन जहाँ हो, वहीं से आरम्भ कीजिए।
भावना से आरंभ करें
हर मंत्र के साथ देवनागरी, सरल उच्चारण, अर्थ और उसका अपना जाप काउंटर।
ॐ गं गणपतये नमः
Oṁ Gaṁ Gaṇapataye Namaḥ
ॐ — गं — गणों के स्वामी गणपति को प्रणाम। गण शिव के अनुचर-समूह हैं; भक्त-टीकाकार इस शब्द को संसार की हर व्यवस्थित शक्ति तक फैलाते हैं — और गणपति वह…
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
Oṁ tryambakaṁ yajāmahe sugandhiṁ puṣṭi-vardhanam, urvārukam iva bandhanān mṛtyor mukṣīya māmṛtāt
हम त्रिनेत्रधारी, सुगंधमय, सबका पोषण करने वाले शिव की उपासना करते हैं। जैसे पकी ककड़ी बेल के बंधन से सहज छूट जाती है, वैसे ही मैं मृत्यु के बंधन से…
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
Oṁ Śrīṁ Mahālakṣmyai Namaḥ
ॐ — श्रीं — महालक्ष्मी को प्रणाम। 'श्रीं' बीज रूप में सिमटी हुई 'श्री' है, जो जाप से बोई जाती है। मंत्र धन की देवी से उपहार नहीं, उपस्थिति माँगता है…
धर्मो रक्षति रक्षितः
Dharmo rakṣati rakṣitaḥ
धर्म उसकी रक्षा करता है, जो धर्म की रक्षा करता है।
— मनुस्मृति ८.१५
यह स्थान कैसे सँभाला जाता है
- प्रामाणिक और सस्रोत
- हर परंपरा का सम्मान
- गोपनीयता सर्वोपरि
- आरंभ निःशुल्क









