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Dharamkira
त्योहार पंचांग
चित्र: चाँदनी में गंगा-तट पर घुटनों के बल बैठी एक स्त्री छोटा दीप जल में छोड़ती है; पीछे विश्राम करती गाय।
गंगा में दीप प्रवाहित करती स्त्रीविलियम सिम्पसन, 19th century

श्रीकृष्ण — स्वयं गीता

गीता जयंती

जिस दिन कुरुक्षेत्र में गीता कही गई।

रविवार, 20 दिसंबर 20262027 (मोक्षदा एकादशी): गुरुवार, 9 दिसंबर 2027

तिथि: मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मोक्षदा)

सबसे सरल शब्दों में

एक ग्रन्थ का जन्मदिन — जिस दिन कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता सुनाई, और संसार को निर्भय होकर कर्म करना सिखाया।

कथा और उद्देश्य

मोक्षदा एकादशी को दो सेनाओं के मध्य श्रीकृष्ण ने मार्ग भूले सखा से सात सौ श्लोक कहे। गीता की 'जयंती' मनाई जाती है — क्योंकि परंपरा उस दिन को, जब यह उपदेश संसार में आया, प्रकाश का जन्मदिवस मानती है।

एक अध्याय, या पूरे ध्यान से एक श्लोक पढ़ना ही इस दिन का असली अनुष्ठान है; कुरुक्षेत्र में हज़ारों लोग कई दिन तक इसका सामूहिक पाठ करते हैं।

क्या किया जाता है

गीता पाठ

एकल या सामूहिक पाठ — अध्याय या सम्पूर्ण; अनेक मोक्षदा एकादशी का व्रत रखते हैं।

श्लोक जाप

प्रमुख श्लोक — 2.47, 18.66 — दिन के जाप रूप में।

श्रेष्ठ समय

एकादशी व्रत कुल-परंपरानुसार; पाठ किसी भी प्रहर।

सटीक मुहूर्त नगर और परंपरा अनुसार भिन्न होता है — निश्चित समय हेतु अपने स्थान का पंचांग देखें।

जानने योग्य

  • कुरुक्षेत्र में सप्ताह-भर का गीता महोत्सव।

  • गीता महाभारत के भीष्म पर्व में है — अठारह अध्याय, अठारह दिनों के युद्ध के।

  • मार्गशीर्ष वही महीना है जिसे कृष्ण गीता में अपना कहते हैं — 'मासानां मार्गशीर्षोऽहम्' (10.35)।

इस पर्व के मंत्र