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Dharamkira
त्योहार पंचांग
तेजोमय प्रभामंडल में मुकुटधारी सूर्यदेव, सात अश्वों के रथ पर आकाश में — रवि वर्मा प्रेस का प्रारंभिक लिथोग्राफ।
सूर्य नारायणरवि वर्मा प्रेस, early 1900s

यम-यमुना

भाई दूज

बहन का वह तिलक जिसे स्वयं यमराज ने माना।

बुधवार, 11 नवंबर 2026रविवार, 31 अक्टूबर 2027

तिथि: कार्तिक शुक्ल द्वितीया

सबसे सरल शब्दों में

दिवाली सप्ताह का बहन-दिवस: बहन भाई के माथे पर तिलक कर लम्बी उम्र माँगती है; भाई सदा साथ निभाने का वचन देता है।

कथा और उद्देश्य

यमुना ने इसी द्वितीया को भाई यम को भोजन कराया और तिलक किया; प्रसन्न यम ने वर दिया कि इस दिन बहन से तिलकित हर भाई सुरक्षित रहेगा। दीपावली का पंचक वहीं पूर्ण होता है जहाँ राखी आरंभ हुई थी — भाई-बहन के बंधन में।

यह दिन यम के लेखा-अधिकारी का भी है: प्रत्येक कर्म के लेखक चित्रगुप्त की इसी द्वितीया को कायस्थ परंपरा में कलम-दवात से पूजा होती है — दीपावली-चक्र के समापन पर लेखा और स्नेह साथ-साथ। आज भाई के संग यमुना-स्नान विशेष फलदायी माना गया है: प्रथम बहन के रूप में परंपरा स्वयं नदी ने रची।

क्या किया जाता है

तिलक-आरती

बहन का तिलक, आरती, मिठाई; भाई का उपहार और वचन।

सह-भोजन

बहन के घर भोजन ही पर्व का हृदय है।

श्रेष्ठ समय

तिलक हेतु अपराह्न शास्त्रीय काल है।

सटीक मुहूर्त नगर और परंपरा अनुसार भिन्न होता है — निश्चित समय हेतु अपने स्थान का पंचांग देखें।

जानने योग्य

  • महाराष्ट्र में भाऊबीज; बंगाल में भाई फोंटा — अपने मंत्रों सहित।

  • तिथि का पुराना नाम यम द्वितीया है; बांग्ला फोंटा की तुकबंदी इसे सीधे कहती है — बहन के तिलक से 'यम के द्वार पर काँटा पड़ता है'।

  • नेपाल में यही दिन भाई टीका है, तिहार के पाँच दिनों का अन्तिम — भाई के माथे पर सात रंगों का टीका।

इस पर्व के मंत्र