राम
राम नाम-मंत्र
ॐ श्री रामाय नमः
Oṁ Śrī Rāmāya Namaḥ
सरल उच्चारण: Om shree raa-maa-ya na-mah
इस मंत्र के विषय में
सरलतम राम नाम-मंत्र — ॐ और श्री के साथ उनका नाम, राम-भक्ति का नित्य प्रणाम। रामचरितमानस कहता है कि स्वयं शिव इस महामंत्र को जपते हैं और काशी में मुक्ति के हेतु इसका उपदेश करते हैं — 'महामंत्र जोइ जपत महेसू। कासीं मुकुति हेतु उपदेसू॥'
अर्थ
ॐ, श्री राम को प्रणाम। 'राम' का भाव है — 'जिनमें सब रमते हैं', और आगे लगा 'श्री' नाम को सीता की कृपा सहित लाता है। परंपरा राम-नाम को 'तारक' कहती है — पार लगाने वाला मंत्र; अतः हर जाप पतवार का एक चालन है: जीवन, एक-एक अक्षर करके पार होता हुआ।
कब जपें
सरल नित्य राम-स्मरण — प्रातः, बोझिल लगते कर्तव्य से पहले, और राम नवमी भर; माता-पिता इसे बच्चों को पहले आधार रूप में देते हैं।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव, आदि नाद
- श्री रामायśrī rāmāya
- श्री राम के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: पारंपरिक नाम-मंत्र

