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मंत्र संग्रह

हनुमान

हनुमान मंत्र

ॐ श्री हनुमते नमः

Oṁ Śrī Hanumate Namaḥ

सरल उच्चारण: Om shree ha-nu-ma-te na-mah

बल और साहसभक्तिरक्षा

इस मंत्र के विषय में

हनुमान जी को प्रणाम — संकल्प, अनुशासन और निर्भयता के लिए इसका जाप होता है।

अर्थ

ॐ, श्री हनुमान को प्रणाम। नाम 'हनु' से पढ़ा जाता है — वह ठुड्डी जिस पर वज्र गिरा: उस दिन की स्मृति, जब स्वर्ग को भी उनके बल का लोहा मानना पड़ा। पर मंत्र उस बल को नहीं, उसके प्रयोग को प्रणाम करता है: पूरा का पूरा, राम के चरणों में धरा हुआ। साधक वही रूपांतरण माँगता है — बल जो सेवा में पूर्ण हो, साहस जो झुकना जानता हो।

कब जपें

मंगलवार और शनिवार — हनुमान जी के वार — और हर उस काम से पहले जिसे साहस चाहिए: साक्षात्कार, प्रतियोगिता, सामना, रात की यात्रा। प्रायः चालीसा-पाठ के साथ गिना जाता है।

शब्द-दर-शब्द

oṁ
प्रणव, आदि नाद
श्रीśrī
श्री — आदर और मंगल का वाचक
हनुमतेhanumate
हनुमान जी के लिए
नमःnamaḥ
प्रणाम, नमन

स्रोत: हनुमान भक्ति परंपरा का पारंपरिक नाम-मंत्र

ॐ श्री हनुमते नमः

Oṁ Śrī Hanumate Namaḥ

लक्ष्य
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