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Dharamkira
मंत्र संग्रह

सूर्य

पूषा — सबका पोषण करने वाले (सूर्य के बारह नामों में छठा)

ॐ पूष्णे नमः

Oṁ Pūṣṇe Namaḥ

सरल उच्चारण: Om poosh-ne na-mah

शुभारंभबल और साहसआरोग्य

इस मंत्र के विषय में

पूषा — 'पोषक' — छठा नाम। ऋग्वेद में पूषा देवताओं में गोपालक हैं: मार्गों के रक्षक, खोए हुए को खोज देने वाले, यात्रियों के पथ-प्रदर्शक। सूर्य के नाम रूप में वे अन्न पकाने वाले हैं और दिन की हर यात्रा के अभिभावक।

अर्थ

ॐ, पूषा को प्रणाम — सबके पोषक। हर भोजन संचित धूप है; मंत्र यही बात तीन पदों में कह देता है। साधक उस मौन अन्नदाता सूर्य को नमन करता है — जो अन्न पकाता है, मार्ग सँभालता है, और दोनों का धन्यवाद नहीं माँगता।

कब जपें

सूर्य नमस्कार चक्र के बारह नामों में से एक — सूर्योदय पर प्रति आसन एक नाम, या रविवार के जाप में बारहों नाम एक साथ। अन्न और खेत के ऊपर, यात्रा से पहले, और गृहस्थी के भरण-पोषण की प्रार्थना में पूषा का स्मरण करें।

शब्द-दर-शब्द

oṁ
प्रणव, आदि नाद
पूष्णेpūṣṇe
सबका पोषण करने वाले
नमःnamaḥ
प्रणाम, नमन

स्रोत: सूर्य नमस्कार मंत्र-क्रम (सूर्य के पारंपरिक बारह नाम)

ॐ पूष्णे नमः

Oṁ Pūṣṇe Namaḥ

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