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नवग्रह

मंगल ग्रह मंत्र

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

सरल उच्चारण

Om kraam kreem kraum sah bhau-maa-ya na-mah

Oṁ krāṁ krīṁ krauṁ saḥ bhaumāya namaḥ

ग्रह शांतिरक्षा

इस मंत्र के विषय में

मंगल का बीज-मंत्र — मंत्र में उन्हें भौम, 'भूमि-पुत्र', कहा गया है; प्रातः के ग्रह-श्लोक का 'भूमिसुत' यही नाम है। ज्योतिष मंगल को साहस, ऊर्जा, भूमि और भाइयों का कारक मानता है।

अर्थ

ॐ — 'क्रां क्रीं क्रौं सः' बीजाक्षरों सहित — भूमिपुत्र भौम (मंगल) को प्रणाम। मंगल वह ताप हैं जो गढ़ भी सकता है और तोड़ भी। जाप प्रार्थना है कि उनकी धार क्रोध और उतावली नहीं — साहस, सहनशक्ति और स्वच्छ निर्णय बने।

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पूरा मंत्र

यह मंत्र एक ही पंक्ति का है। इसे पूरा सीखें, फिर अपनी पुनरावृत्ति सूची में जोड़ें ताकि यह जाँच के लिए वापस आए।

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

Oṁ krāṁ krīṁ krauṁ saḥ bhaumāya namaḥ

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कब जपें

मंगलवार; परंपरा से मंगल-शांति में, उन टकरावों से पहले जिन्हें मर्यादित रहना है, और भूमि-सम्पत्ति के विषयों में जपा जाता है।

शब्द-दर-शब्द

ॐoṁ
प्रणव
क्रां क्रीं क्रौं सःkrāṁ krīṁ krauṁ saḥ
इस ग्रह के बीजाक्षर
भौमायbhaumāya
मंगल के लिए
नमःnamaḥ
प्रणाम, नमन

स्रोत: नवग्रह बीज-मंत्र परंपरा (ज्योतिष / ग्रह-शांति)

टिप्पणी: यहाँ प्रचलित रूप दिया गया है; कुल और क्षेत्रीय परंपराओं में शब्द-रूप थोड़ा भिन्न हो सकता है।

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

Oṁ krāṁ krīṁ krauṁ saḥ bhaumāya namaḥ

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