नवग्रह
चन्द्र ग्रह मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
Oṁ śrāṁ śrīṁ śrauṁ saḥ candrāya namaḥ
सरल उच्चारण: Om shraam shreem shraum sah chan-draa-ya na-mah
इस मंत्र के विषय में
चन्द्रमा का बीज-मंत्र — नौ ग्रहों में दूसरे। ज्योतिष चन्द्र को मन, भावनाओं, पोषण और माता का कारक मानता है — वही ग्रह, जिसके घटने-बढ़ने पर तिथि-पंचांग चलता है।
अर्थ
ॐ — 'श्रां श्रीं श्रौं सः' बीजाक्षरों सहित — चन्द्रमा को प्रणाम। चन्द्र घटते-बढ़ते हैं, और ज्योतिष कहता है कि मन उन्हीं के साथ चलता है। जाप प्रार्थना है कि उसके ज्वार कोमल हों: भावनाएँ जल पर चाँदनी-सी चलें, तूफ़ानी लहरों-सी नहीं।
कब जपें
सोमवार तथा पूर्णिमा-अमावस्या के दिन; भावनात्मक उथल-पुथल, अशांत निद्रा, और माता व घर से जुड़े विषयों में इसका आश्रय लिया जाता है।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव
- श्रां श्रीं श्रौं सःśrāṁ śrīṁ śrauṁ saḥ
- इस ग्रह के बीजाक्षर
- चन्द्रायcandrāya
- चन्द्र के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: नवग्रह बीज-मंत्र परंपरा (ज्योतिष / ग्रह-शांति)
टिप्पणी: यहाँ प्रचलित रूप दिया गया है; कुल और क्षेत्रीय परंपराओं में शब्द-रूप थोड़ा भिन्न हो सकता है।

