नवग्रह
बुध ग्रह मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
Oṁ brāṁ brīṁ brauṁ saḥ budhāya namaḥ
सरल उच्चारण: Om braam breem braum sah bu-dhaa-ya na-mah
इस मंत्र के विषय में
बुध का बीज-मंत्र। ज्योतिष बुध को बुद्धि, वाणी, विद्या और व्यापार का कारक मानता है; पुराणों में वे चन्द्रमा और तारा के पुत्र हैं।
अर्थ
ॐ — 'ब्रां ब्रीं ब्रौं सः' बीजाक्षरों सहित — बुध को प्रणाम। बुध मनों के बीच के सेतुओं के अधिपति हैं: वाणी, बुद्धि, गणित, व्यापार। जाप प्रार्थना है कि विचार निर्मल उतरे और शब्द ठीक जगह पहुँचें — चतुराई पककर समझ बने।
कब जपें
बुधवार; परीक्षाओं, वार्ताओं और व्यापारिक निर्णयों से पहले — जहाँ कहीं वाणी और विवेक को ठीक जगह पहुँचना हो।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव
- ब्रां ब्रीं ब्रौं सःbrāṁ brīṁ brauṁ saḥ
- इस ग्रह के बीजाक्षर
- बुधायbudhāya
- बुध के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: नवग्रह बीज-मंत्र परंपरा (ज्योतिष / ग्रह-शांति)
टिप्पणी: यहाँ प्रचलित रूप दिया गया है; कुल और क्षेत्रीय परंपराओं में शब्द-रूप थोड़ा भिन्न हो सकता है।

