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राम

श्री राम जय राम — त्रयोदशाक्षरी जाप

श्री राम जय राम जय जय राम

सरल उच्चारण

Shree raa-ma ja-ya raa-ma ja-ya ja-ya raa-ma

Śrī Rāma Jaya Rāma Jaya Jaya Rāma

भक्तिशांतिबल और साहस

इस मंत्र के विषय में

समर्थ रामदास और पीढ़ियों के भक्तों का प्रिय त्रयोदशाक्षरी राम-जाप — इतना सरल कि बालक भी जपे, इतना गहरा कि जीवन-भर चले।

अर्थ

श्री राम — राम की जय, जय-जय राम। तेरह अक्षर, और उनमें शब्द केवल तीन: एक आदरसूचक, एक नाम, और 'जय'। यह जाप राम का वर्णन नहीं करता, न कोई याचना — यह उनका पक्ष लेता है। हर आवृत्ति में हृदय एक बार फिर घोषित करता है कि भीतर के युद्ध का परिणाम वह किधर चाहता है।

मंत्र कंठस्थ करें

पहली पंक्ति तब तक बोलें जब तक वह बिना पढ़े न आ जाए, फिर अगली पंक्ति जोड़कर दोनों बोलें, जब तक पूरा मंत्र अपने आप न आ जाए।

पूरा मंत्र

यह मंत्र एक ही पंक्ति का है। इसे पूरा सीखें, फिर अपनी पुनरावृत्ति सूची में जोड़ें ताकि यह जाँच के लिए वापस आए।

श्री राम जय राम जय जय राम

Śrī Rāma Jaya Rāma Jaya Jaya Rāma

0अभी नहीं बोला

ग्यारह बार का लक्ष्य रखें। जैसे ही पूरा मंत्र अपने आप आने लगे, पढ़ना छोड़ दें।

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कब जपें

हर प्रहर का तारक-जाप — बहुत से साधक नित्य १०८ रखते हैं; राम नवमी, चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन, और भीतर के कठिन युद्ध इसकी ऋतुएँ हैं। परंपरा से चलते-चलते भी गिना जाता है।

शब्द-दर-शब्द

श्रीśrī
श्री — आदर और मंगल का वाचक
रामrāma
राम — जो सबको आनंद देते हैं
जयjaya
जय

स्रोत: राम-नाम जाप परंपरा (समर्थ रामदास द्वारा प्रचारित)

श्री राम जय राम जय जय राम

Śrī Rāma Jaya Rāma Jaya Jaya Rāma

लक्ष्य
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