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Dharamkira
मंत्र संग्रह

राम

रामाय रामभद्राय

रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे । रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥

Rāmāya rāmabhadrāya rāmacandrāya vedhase, raghunāthāya nāthāya sītāyāḥ pataye namaḥ

सरल उच्चारण: Raa-maa-ya raa-ma-bha-draa-ya raa-ma-chan-draa-ya ve-dha-se, ra-ghu-naa-thaa-ya naa-thaa-ya see-taa-yaah pa-ta-ye na-mah

भक्तिरक्षा

इस मंत्र के विषय में

राम रक्षा स्तोत्र से — राम के सात नाम एक ही प्रणाम में गुँथे हुए; रक्षा और हृदय की स्थिरता के लिए पढ़ा जाता है।

अर्थ

राम को, रामभद्र को, रामचन्द्र को, विधाता को, रघुनाथ को, नाथ को, सीतापति को नमस्कार। स्तोत्र जान-बूझकर नाम पर नाम रखता है: भद्र, चन्द्र-सम, विधाता, रघुनाथ — रक्षा बुनी जा रही है, नाम-दर-नाम, रस्सी के रेशों की तरह। अंतिम गाँठ सबसे दृढ़ है: वे सीता के पति हैं — और उन्हीं के रक्षक रूप में हमारे रक्षक।

कब जपें

रात्रि की रक्षा के लिए, यात्रा से पहले, और बच्चों के ऊपर पढ़ा जाता है; राम नवमी और उस तक ले जाने वाली नवरात्रि में इसका विशेष पाठ होता है।

शब्द-दर-शब्द

रामायrāmāya
राम के लिए
रामभद्रायrāmabhadrāya
कल्याणकारी रामभद्र के लिए
रामचन्द्रायrāmacandrāya
चन्द्र-समान रामचन्द्र के लिए
वेधसेvedhase
विधाता के लिए
रघुनाथायraghunāthāya
रघुकुल के नाथ के लिए
नाथायnāthāya
नाथ — स्वामी और रक्षक — के लिए
सीतायाः पतयेsītāyāḥ pataye
सीता के पति के लिए

स्रोत: राम रक्षा स्तोत्र (बुध कौशिक)

रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे । रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥

Rāmāya rāmabhadrāya rāmacandrāya vedhase, raghunāthāya nāthāya sītāyāḥ pataye namaḥ

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