अन्य देव
कुबेर नाम-मंत्र
ॐ कुबेराय नमः
सरल उच्चारण
Om ku-be-raa-ya na-mah
Oṁ Kuberāya Namaḥ
इस मंत्र के विषय में
उत्तर दिशा के लोकपाल, देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को प्रणाम — उचित समृद्धि के लिए लक्ष्मी जी के साथ इनका स्मरण होता है।
अर्थ
ॐ, देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर को प्रणाम। स्वामी नहीं — कोषाध्यक्ष: इस दर्शन में धन धरोहर है, उत्तर द्वार पर रक्षित, वहीं खुलता जहाँ सार्थक हो। यह मंत्र धन से कोषाध्यक्ष जैसा ही सम्बन्ध माँगता है — सँभाल, बिना जकड़ के।
मंत्र कंठस्थ करें
पहली पंक्ति तब तक बोलें जब तक वह बिना पढ़े न आ जाए, फिर अगली पंक्ति जोड़कर दोनों बोलें, जब तक पूरा मंत्र अपने आप न आ जाए।
पूरा मंत्र
यह मंत्र एक ही पंक्ति का है। इसे पूरा सीखें, फिर अपनी पुनरावृत्ति सूची में जोड़ें ताकि यह जाँच के लिए वापस आए।
ॐ कुबेराय नमः
Oṁ Kuberāya Namaḥ
0अभी नहीं बोला
ग्यारह बार का लक्ष्य रखें। जैसे ही पूरा मंत्र अपने आप आने लगे, पढ़ना छोड़ दें।
प्रगति केवल इसी डिवाइस पर रहती है।
कब जपें
धनतेरस और दीपावली की लक्ष्मी पूजा में इनका स्थान है; नए बही-खातों और निवेशों पर, और दूसरों का धन सँभालने वालों द्वारा जपा जाता है — कोषाध्यक्ष के स्वच्छ हाथ माँगते हुए।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव, आदि नाद
- कुबेरायkuberāya
- देव-कोषाध्यक्ष कुबेर के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: पारंपरिक नाम-मंत्र