गणेश
गणेश नाम-मंत्र
ॐ गणेशाय नमः
सरल उच्चारण
Om ga-ne-shaa-ya na-mah
Oṁ Gaṇeśāya Namaḥ
इस मंत्र के विषय में
सबसे सीधा गणेश-वंदन — उनका अपना पूरा नाम। जहाँ 'गं' बीज है, यह खिला हुआ पुष्प है: बहियों, पत्रों और विवाह-पत्रिकाओं के शीर्ष पर 'श्री गणेशाय नमः' रूप में लिखा जाता है।
अर्थ
ॐ, गणेश को प्रणाम — गण-ईश, समूहों के स्वामी। नाम अपने-आप में एक छोटा-सा दर्शन है: गजानन 'अनेक' के अधिपति हैं — बाहर की असंख्य शक्तियाँ और भीतर के असंख्य विचार। इसे कहना दोनों भीड़ों को क्षण-भर अपने से अधिक विवेकवान अधिपति को सौंप देना है।
मंत्र कंठस्थ करें
पहली पंक्ति तब तक बोलें जब तक वह बिना पढ़े न आ जाए, फिर अगली पंक्ति जोड़कर दोनों बोलें, जब तक पूरा मंत्र अपने आप न आ जाए।
पूरा मंत्र
यह मंत्र एक ही पंक्ति का है। इसे पूरा सीखें, फिर अपनी पुनरावृत्ति सूची में जोड़ें ताकि यह जाँच के लिए वापस आए।
ॐ गणेशाय नमः
Oṁ Gaṇeśāya Namaḥ
0अभी नहीं बोला
ग्यारह बार का लक्ष्य रखें। जैसे ही पूरा मंत्र अपने आप आने लगे, पढ़ना छोड़ दें।
प्रगति केवल इसी डिवाइस पर रहती है।
कब जपें
जहाँ छोटा, सरल स्मरण चाहिए वहाँ — प्रातः दीप जलाते, द्वार से निकलते, साक्षात्कार या परीक्षा से पहले की एक साँस में। इसी सरलता के कारण बच्चों को सबसे पहले यही मंत्र दिया जाता है।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव, आदि नाद
- गणेशायgaṇeśāya
- गणों के ईश गणेश के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: पारंपरिक नाम-मंत्र

