देवी
दुर्गा मंत्र
ॐ दुं दुर्गायै नमः
Oṁ Duṁ Durgāyai Namaḥ
सरल उच्चारण: Om dum dur-gaa-yai na-mah
रक्षाबल और साहस
इस मंत्र के विषय में
दुर्गा — दुर्जेय, 'जिन तक पहुँचना कठिन है' — का बीज-मंत्र। रक्षक रूप में जगदम्बा का स्मरण, साहस और सुरक्षा के लिए।
अर्थ
ॐ — दुं — दुर्गा को प्रणाम। उनके नाम का अर्थ है दुर्जेय दुर्ग; 'दुं' वही रक्षा है — ध्वनि की एक ही थाप में। मंत्र स्वयं वही है जो वह देता है: भय में थामने योग्य कुछ। साधक निरापद संसार नहीं माँगता — संसार के भीतर माँ का वह गुण माँगता है: हृदय की अजेयता।
कब जपें
रक्षा के लिए — अनिश्चित मार्गों की यात्रा से पहले, अनिष्ट के भय में, और नवरात्रि भर; परंपरा से माता-पिता इसे दूर गए बच्चों के लिए जपते हैं।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव, आदि नाद
- दुंduṁ
- दुर्गा का बीज — रक्षा
- दुर्गायैdurgāyai
- दुर्गा के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: देवी-उपासना परंपरा का पारंपरिक बीज-मंत्र

