सूर्य
अर्क — स्तुति के योग्य (सूर्य के बारह नामों में ग्यारहवाँ)
ॐ अर्काय नमः
सरल उच्चारण
Om ar-kaa-ya na-mah
Oṁ Arkāya Namaḥ
इस मंत्र के विषय में
अर्क — 'स्तुति-योग्य' — ग्यारहवाँ नाम। अर्क पुराना शब्द है जिसमें किरण और स्तोत्र — दोनों अर्थ बसे हैं; मानो प्रकाश और प्रकाश का गीत एक ही वस्तु हों। महान सूर्य-मंदिर यह नाम धारण करते हैं — कोणार्क यानी कोण का अर्क — और उन्हें अर्पित होने वाला विनम्र अर्क (आक) का पौधा भी।
अर्थ
ॐ, अर्क को प्रणाम — स्तुति के योग्य। यह प्रणाम कुछ माँगता नहीं; यह उस तेज का धन्यवाद है जिसमें कोई स्तुति कुछ जोड़ नहीं सकती। ग्यारहवें स्थान पर यह क्रम का सीधा कृतज्ञता-क्षण है — बोध की अंतिम प्रार्थना से ठीक पहले।
मंत्र कंठस्थ करें
पहली पंक्ति तब तक बोलें जब तक वह बिना पढ़े न आ जाए, फिर अगली पंक्ति जोड़कर दोनों बोलें, जब तक पूरा मंत्र अपने आप न आ जाए।
पूरा मंत्र
यह मंत्र एक ही पंक्ति का है। इसे पूरा सीखें, फिर अपनी पुनरावृत्ति सूची में जोड़ें ताकि यह जाँच के लिए वापस आए।
ॐ अर्काय नमः
Oṁ Arkāya Namaḥ
0अभी नहीं बोला
ग्यारह बार का लक्ष्य रखें। जैसे ही पूरा मंत्र अपने आप आने लगे, पढ़ना छोड़ दें।
प्रगति केवल इसी डिवाइस पर रहती है।
कब जपें
सूर्य नमस्कार चक्र के बारह नामों में से एक — सूर्योदय पर प्रति आसन एक नाम, या रविवार के जाप में बारहों नाम एक साथ। अर्क निष्काम स्तुति के लिए है — सूर्य मंदिरों में और रथ सप्तमी को, जो सूर्य का अपना पर्व है, इसका स्मरण होता है।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव, आदि नाद
- अर्कायarkāya
- स्तुति के योग्य
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: सूर्य नमस्कार मंत्र-क्रम (सूर्य के पारंपरिक बारह नाम)

