देवी
अन्नपूर्णा नाम-मंत्र
ॐ अन्नपूर्णायै नमः
Oṁ Annapūrṇāyai Namaḥ
सरल उच्चारण: Om an-na-poor-naa-yai na-mah
इस मंत्र के विषय में
अन्नपूर्णा को प्रणाम — अन्न रूपिणी माता। उनका सबसे प्रसिद्ध मंदिर काशी में है, और उनका नाम रसोई की नित्य कृतज्ञता है।
अर्थ
ॐ, अन्नपूर्णा को प्रणाम — अन्न से पूर्णा, और सबको पूर्ण करने वाली। काशी में वे भिक्षुक शिव के पास करछुल लिए खड़ी हैं — एक ही चित्र में पूरा दर्शन: सर्वेश्वर भी अन्न के लिए माँ के पास आते हैं। भोजन बनाने या करने से पहले कहा गया यह मंत्र आहार को प्राप्त हुई कृपा बना देता है।
कब जपें
भोजन बनाने और करने से पहले — प्रतिदिन; अन्नपूर्णा जयंती और अन्नकूट पर इसका सार्वजनिक पाठ होता है, और बहुत से लोग दूसरों को भोजन परोसते हुए इसे कहते हैं।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव, आदि नाद
- अन्नपूर्णायैannapūrṇāyai
- अन्नदात्री अन्नपूर्णा के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: पारंपरिक नाम-मंत्र (काशी परंपरा)

