देवी
सरस्वती मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
Oṁ Aiṁ Sarasvatyai Namaḥ
सरल उच्चारण: Om aim sa-ras-vat-yai na-mah
विद्या और ज्ञानशुभारंभ
इस मंत्र के विषय में
विद्या, वाणी, संगीत और कला की देवी सरस्वती का बीज-मंत्र।
अर्थ
ॐ — ऐं — सरस्वती को प्रणाम। 'ऐं' वाक् का बीज है: वह ध्वनि जिससे अभिव्यक्ति खुलती है। साधक ज्ञान की प्रवाहिनी देवी से उनका विशिष्ट वरदान माँगता है — सूचना नहीं, वह निर्मलता जिससे विद्या बहने लगे: बुद्धि में, जिह्वा पर, और कृति में।
कब जपें
अध्ययन, अभ्यास या प्रस्तुति से पहले — परीक्षा से पहले विद्यार्थी, रियाज़ से पहले संगीतकार; वसंत पंचमी और नवरात्रि के सरस्वती-दिवसों पर इसका विशेष जाप होता है।
शब्द-दर-शब्द
- ॐoṁ
- प्रणव, आदि नाद
- ऐंaiṁ
- सरस्वती का बीज — वाणी और ज्ञान का
- सरस्वत्यैsarasvatyai
- सरस्वती के लिए
- नमःnamaḥ
- प्रणाम, नमन
स्रोत: देवी-उपासना परंपरा का पारंपरिक बीज-मंत्र

