देवी
नवार्ण मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
Oṁ Aiṁ Hrīṁ Klīṁ Cāmuṇḍāyai Vicce
सरल उच्चारण: Om aim hreem kleem chaa-mun-daa-yai vich-che
इस मंत्र के विषय में
दुर्गा सप्तशती पाठ का हृदय — नौ अक्षरों का नवार्ण मंत्र, जिसमें जगदम्बा का स्मरण ज्ञान, शक्ति और रूपांतरण — तीनों रूपों में होता है।
अर्थ
ॐ — ऐं, ह्रीं, क्लीं — चामुण्डा को नमन। नौ अक्षरों में माँ के तीन मुख एक साथ हैं: महाज्ञान, महाशक्ति, महारूपांतरण। 'विच्चे' का कोई एक सर्वमान्य अर्थ नहीं — टीकाकार 'नमन' या 'शरण' आदि अर्थ देते हैं — और पाठ में इसे ज्यों का त्यों रखा जाता है। नवार्ण किसी एक वस्तु की याचना नहीं करता — उस समूची शक्ति का आवाहन करता है जिससे कुछ भी जीता जाता है।
कब जपें
सर्वोपरि नवरात्रि का मंत्र — नौ रातों में और सप्तशती-पाठ के साथ गिना जाता है; संकट में भी, जब पूरा का पूरा बल माँगा जा रहा हो।
शब्द-दर-शब्द
- ऐंaiṁ
- ज्ञान-वाणी का बीज (महासरस्वती)
- ह्रींhrīṁ
- दिव्य शक्ति का बीज (महालक्ष्मी)
- क्लींklīṁ
- रूपांतरण का बीज (महाकाली)
- चामुण्डायैcāmuṇḍāyai
- चामुण्डा देवी के लिए
- विच्चेvicce
- मंत्र का पावन पद
स्रोत: दुर्गा सप्तशती (देवी माहात्म्य) पाठ परंपरा
टिप्पणी: यहाँ प्रचलित रूप दिया गया है; कुल और क्षेत्रीय परंपराओं में शब्द-रूप थोड़ा भिन्न हो सकता है।

