नवग्रह
ब्रह्मा मुरारि — प्रातः ग्रह-श्लोक
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च । गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम् ॥
सरल उच्चारण
Brah-maa mu-raa-ris tri-pu-raan-ta-kaa-ree, bhaa-nuh sha-shee bhoo-mi-su-to bu-dhash-cha, gu-rush-cha shuk-rah sha-ni raa-hu ke-ta-vah, kur-van-tu sar-ve ma-ma su-pra-bhaa-tam
Brahmā murāris tripurāntakārī bhānuḥ śaśī bhūmisuto budhaś ca, guruś ca śukraḥ śani-rāhu-ketavaḥ kurvantu sarve mama suprabhātam
इस मंत्र के विषय में
प्रातः स्मरण का श्लोक जिसमें सभी नौ ग्रहों का एक साथ अभिवादन है — जागते ही पढ़ा जाता है, ताकि पूरा दिन शुभ हो। नवग्रहों से पहले ब्रह्मा, विष्णु, शिव का नाम लेकर यह श्लोक दिन का पहला कदम धरती छूने से पहले पूरे ब्रह्माण्ड को क्रम में रख देता है।
अर्थ
ब्रह्मा, मुरारि (विष्णु), त्रिपुरान्तकारी (शिव), भानु (सूर्य), शशी (चन्द्र), भूमिपुत्र मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — ये सभी मेरा प्रभात मंगलमय करें। एक ही श्वास में त्रिमूर्ति और नवों ग्रह एक ही निवेदन में सिमट आते हैं — दिन कुछ और कहे, उससे पहले की गई प्रार्थना: यह भोर शुभ हो।
मंत्र कंठस्थ करें
पहली पंक्ति तब तक बोलें जब तक वह बिना पढ़े न आ जाए, फिर अगली पंक्ति जोड़कर दोनों बोलें, जब तक पूरा मंत्र अपने आप न आ जाए।
2 में से पंक्ति 1
ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च ।
Brahmā murāris tripurāntakārī bhānuḥ śaśī bhūmisuto budhaś ca, guruś ca śukraḥ śani-rāhu-ketavaḥ kurvantu sarve mama suprabhātam
0अभी नहीं बोला
अगली पंक्ति से पहले ग्यारह बार का लक्ष्य रखें। जब पंक्ति बिना पढ़े आ जाए, तब आगे बढ़ें।
प्रगति केवल इसी डिवाइस पर रहती है।
कब जपें
जागते ही सबसे पहले — इससे पहले कि कुछ और मन को घेर ले; यह ग्रह-शांति और यात्राओं का भी मंगलाचरण है, और दिन के आरंभ में पूरे परिवार के साथ कहने योग्य है।
शब्द-दर-शब्द
- ब्रह्मा मुरारिः त्रिपुरान्तकारीbrahmā murāriḥ tripurāntakārī
- ब्रह्मा, विष्णु (मुरारि) और शिव (त्रिपुरान्तकारी)
- भानुः शशीbhānuḥ śaśī
- सूर्य और चन्द्र
- भूमिसुतो बुधश्चbhūmisuto budhaś ca
- भूमिपुत्र मंगल और बुध
- गुरुश्च शुक्रःguruś ca śukraḥ
- गुरु और शुक्र
- शनिराहुकेतवःśani-rāhu-ketavaḥ
- शनि, राहु और केतु
- कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्kurvantu sarve mama suprabhātam
- सब मेरा प्रभात शुभ करें
स्रोत: पारंपरिक प्रातः-स्मरण श्लोक (नवग्रह स्तोत्र परंपरा)

